देर रात तक जागने की आदत से बचें, नहीं तो बिगड़ सकती है आपकी सेहत

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जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:

आजकल देर रात तक जागना जैसे हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। कभी ऑफिस के काम की वजह से, कभी सोशल मीडिया स्क्रॉल करने के कारण, तो कभी वेब सीरीज और गेमिंग के चलते हम खुद को घंटों तक जागते हुए पाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह आदत आपकी सेहत पर कितना बुरा असर डाल सकती है? अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जो रोज़ाना रात के 12-1 बजे तक जागते हैं और सोचते हैं कि “कोई बात नहीं, सुबह देर से सो लेंगे”, तो आपको सतर्क होने की जरूरत है। क्योंकि देर रात तक जागना और देर से उठना आपकी शारीरिक और मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।

देर से सोने के नुकसान

  1. इम्यूनिटी पर असर
    नींद पूरी न होने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे आप जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। लगातार नींद में कटौती करने से सर्दी-खांसी, वायरल इंफेक्शन और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

  2. हार्मोनल असंतुलन और वजन बढ़ना
    देर रात तक जागने से शरीर में मेलाटोनिन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन प्रभावित होते हैं। इसका सीधा असर मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है, जिससे वजन तेजी से बढ़ सकता है। रात में अधिक देर तक जागने से लोग अक्सर अनहेल्दी स्नैक्स खाते हैं, जिससे मोटापा और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

  3. तनाव, चिड़चिड़ापन और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव
    नींद पूरी न होने का असर सिर्फ थकान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि धीरे-धीरे यह मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। लगातार कम नींद लेने से चिड़चिड़ापन, तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। नींद की कमी से दिमाग की कार्यक्षमता भी घटती है, जिससे एकाग्रता और मेमोरी पावर कमजोर हो सकती है।

  4. डार्क सर्कल्स, पिंपल्स और स्किन प्रॉब्लम्स
    नींद पूरी न होने का असर स्किन पर भी साफ दिखता है। रात में शरीर खुद को रिपेयर करता है, लेकिन देर से सोने और कम नींद लेने से डार्क सर्कल्स, झुर्रियां और पिंपल्स जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। त्वचा में ग्लो बनाए रखने के लिए कम से कम 7-8 घंटे की गहरी नींद लेना जरूरी है।

रात में जल्दी सोने की आदत कैसे डालें?

अगर आपको भी देर रात तक जागने की आदत है और आप इससे छुटकारा पाना चाहते हैं, तो इन सरल लेकिन असरदार उपायों को आजमाएं:

  • रात 10 से 11 बजे के बीच सोने की कोशिश करें – सोने का एक तय समय बनाएं और उसी के अनुसार अपनी दिनचर्या सेट करें।
  • सोने से 30 मिनट पहले मोबाइल, लैपटॉप या टीवी बंद कर दें – इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर के नींद संबंधी हार्मोन मेलाटोनिन के उत्पादन को कम कर देती है, जिससे नींद नहीं आती।
  • सोने से पहले हल्का गुनगुना दूध या हर्बल टी लें – यह शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है और अच्छी नींद लाने में सहायक होता है।
  • सोने वाली जगह पर हल्की रोशनी और शांत वातावरण रखें – तेज रोशनी और शोर-शराबे वाले माहौल में सोने में परेशानी होती है। कोशिश करें कि सोने का स्थान शांत और आरामदायक हो।
  • रोज़ाना एक्सरसाइज़ करें – दिन में कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी (योग, वॉकिंग या स्ट्रेचिंग) करने से शरीर थकता है और रात में जल्दी नींद आती है।
  • सोने से पहले किताब पढ़ें या मेडिटेशन करें – दिमाग को शांत करने के लिए सोने से पहले हल्की किताबें पढ़ना या 5-10 मिनट का मेडिटेशन करना फायदेमंद होता है।
  • धीरे-धीरे सोने का समय 15-20 मिनट पहले करें – अगर आप अचानक रात 2 बजे से 10 बजे पर सोने की आदत डालना चाहेंगे, तो मुश्किल होगा। इसलिए हर दिन सोने का समय 15-20 मिनट पहले करें ताकि शरीर धीरे-धीरे नए शेड्यूल में ढल सके।

रात में देर तक जागना सिर्फ आपकी आदत नहीं बल्कि आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकता है। यह इम्यूनिटी, मानसिक स्वास्थ्य, हार्मोनल संतुलन और त्वचा पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। अच्छी सेहत के लिए समय पर सोना और पूरी नींद लेना बेहद जरूरी है। अगर आप देर रात तक जागने की आदत छोड़ना चाहते हैं, तो अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करें और एक हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।

(Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। यदि आपको नींद से जुड़ी कोई गंभीर समस्या है या लगातार थकान, तनाव या अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें रहती हैं, तो कृपया किसी योग्य डॉक्टर से सलाह जरूर लें।)

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