“मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” को मंत्रि-परिषद की बैठक में मिली हरी झंडी, पीपीपी मोड पर किया जाएगा बसों का संचालन; CM की अध्यक्षता में हुई बैठक में छतरपुर का माता बम्बरबैनी मंदिर पवित्र क्षेत्र घोषित

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जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक में “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” प्रारंभ करने की स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत, मध्यप्रदेश के नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संगठित, सुविधाजनक और सुरक्षित यात्री बस सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा। परिवहन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए ट्रैफिक एवं मार्गों का सर्वेक्षण कर बसों की फ्रीक्वेंसी को सुनिश्चित किया जाएगा। योजना के सफल संचालन के लिए सरकार ने 101.20 करोड़ रुपये की अंशपूंजी स्वीकृत की है और एक राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के गठन को मंजूरी दी गई है।

वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिए SPVs गठित हैं, जिनमें से 16 कार्यरत हैं। अब इन कंपनियों को सात संभागीय कंपनियों के रूप में मर्ज कर, उनके एकीकृत नियंत्रण के लिए एक राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी का गठन किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत रीवा एवं ग्वालियर के लिए वर्तमान कंपनियों को बंद कर नई क्षेत्रीय कंपनियां गठित की जाएंगी। सातों संभागीय कंपनियों को राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के तहत संगठित किया जाएगा, जिसमें 51% शेयर बहुसंख्यक आधार पर होंगे।

योजना के तहत, बस परिवहन अधोसंरचना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। बसों के संचालन और संधारण के लिए एक पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसमें आईटी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन्स की मदद से बसों की निगरानी, ट्रैकिंग और ई-टिकटिंग की सुविधा दी जाएगी। यात्रियों के लिए एक मोबाइल एप विकसित किया जाएगा, जिसमें बसों की रियल-टाइम ट्रैकिंग, यात्रा योजना, कैशलेस टिकटिंग और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, बस स्टॉप, टर्मिनल और चार्जिंग स्टेशनों की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी।

इस योजना के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर भी यात्री परिवहन समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर निगम आयुक्त सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। इन समितियों का मुख्य कार्य रूट मॉनिटरिंग, स्टॉपेज निर्धारण और बस संचालन की गुणवत्ता को सुनिश्चित करना होगा।

योजना के तहत, पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा। ग्रीन फंडिंग और केंद्र व राज्य शासन की योजनाओं का लाभ लेते हुए यात्री परिवहन को और सुदृढ़ बनाया जाएगा।

शासकीय सेवकों के भत्तों में संशोधन

मंत्रि-परिषद ने शासकीय सेवकों को मिलने वाले विभिन्न भत्तों का पुनरीक्षण भी किया है, जिससे राज्य सरकार पर वार्षिक 1500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। सातवें वेतनमान के अनुसार, गृह भत्ता A श्रेणी के नगरों के लिए 10%, B श्रेणी के नगरों के लिए 7% और C व D श्रेणी के नगरों के लिए 5% किया गया है। इसके अतिरिक्त, दैनिक भत्ता, वाहन भत्ता, मील भत्ता, ठहरने की पात्रता, स्थानांतरण पर घरेलू सामान के परिवहन और स्थानांतरण अनुदान सहित अन्य भत्तों में भी वृद्धि की गई है।

छतरपुर में माता बम्बरबैनी मंदिर क्षेत्र पवित्र घोषित

मंत्रि-परिषद द्वारा छतरपुर जिले के ग्राम लवकुशनगर स्थित माता बम्बरबैनी प्राचीन मंदिर स्थल को पवित्र क्षेत्र घोषित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। यह निर्णय धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए लिया गया है। मंदिर परिसर और उसके आसपास के 30.375 हेक्टेयर पहाड़ी क्षेत्र को आधिकारिक रूप से पवित्र क्षेत्र घोषित किया गया है।

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