जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आगामी 11 अप्रैल को बैसाखी पर्व के पावन अवसर पर अशोकनगर जिले के ईसागढ़ स्थित श्री आनंदपुर ट्रस्ट द्वारा आयोजित वार्षिक आध्यात्मिक मेले में सहभागी बनने के लिए पधार रहे हैं। इस विशेष कार्यक्रम को लेकर प्रदेशभर में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण है। प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यात्रा को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं श्री आनंदपुर धाम पहुंचकर समस्त व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने हेलीपैड स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, आगमन और प्रस्थान के रूट चार्ट, मंदिरों में दर्शन की व्यवस्था, पूजा स्थल, सत्संग स्थल सहित अन्य सभी प्रमुख स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्री आनंदपुर धाम परिसर स्थित प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों – श्री परमहंस अद्वैत मत, श्री आनंद शांति कुंज, श्री आनंद शांति भवन, श्री आनंद सरोवर तथा श्री आनंद शांति धाम में जाकर दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। डॉ. यादव ने श्री आनंद सरोवर के पावन जल में पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रसाद भी ग्रहण किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि श्री आनंदपुर धाम एक अद्भुत आध्यात्मिक धरोहर है, जिसकी गरिमा और दिव्यता यहाँ आने पर आत्मिक रूप से अनुभूत होती है। यह स्थल न केवल भक्ति और परमार्थ का केंद्र है, बल्कि आत्म-ज्ञान और आध्यात्मिक साधना का एक विशाल स्रोत भी है। उन्होंने कहा कि यहाँ की शांत और दिव्य ऊर्जा मन को शांति प्रदान करती है और आत्मिक बल प्रदान करती है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने बैसाखी पर्व के अवसर पर लगने वाले विशाल वार्षिक मेले की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों और प्रशासन को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं, अनुयायियों और दर्शनार्थियों के लिए सभी व्यवस्थाएँ समुचित, सुव्यवस्थित और श्रद्धा के अनुरूप हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मेले में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं, इसलिए सभी इंतजाम जनसुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किए जाएं।
इस अवसर पर प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री एवं अशोकनगर जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, मुंगावली विधायक बृजेंद्र सिंह यादव, पूर्व विधायक जजपाल सिंह जज्जी, आलोक तिवारी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, ट्रस्ट के संत-महात्मा, अनुयायी, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।