जबलपुर धर्मांतरण विवाद पर हिंसा: भगवान राम पर टिप्पणी से उभरा जन आक्रोश, केरल भाग रहे स्कूल संचालक को पुलिस ने पकड़ा

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जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:

जबलपुर के रांझी थाना क्षेत्र में 31 मार्च को एक अत्यंत संवेदनशील और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण घटना सामने आई, जिसने पूरे शहर ही नहीं बल्कि प्रदेशभर में चर्चाओं का केंद्र बना दिया। इस घटना ने सामाजिक सौहार्द की उस नाज़ुक रेखा को छू लिया, जहां आस्था, संदेह और प्रतिक्रियाओं के बीच संतुलन कायम रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। धर्मांतरण के संदेह में ईसाई धर्मगुरु फादर डेविस के साथ मारपीट का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आया, धार्मिक भावनाएं बुरी तरह आहत हो गईं और जनमानस में असंतोष की लहर दौड़ पड़ी।

हालात तब और ज्यादा गंभीर हो गए जब इसी मामले को लेकर जबलपुर स्थित जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संचालक अखिलेश मेबन ने सोशल मीडिया पर एक अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। उन्होंने न केवल धर्म विशेष के प्रति दुर्भावना व्यक्त की, बल्कि हिंदू समुदाय के प्रति अपमानजनक भाषा का भी उपयोग किया, जिससे सामाजिक सौहार्द को गहरी ठेस पहुंची। यह टिप्पणी आग में घी का काम कर गई और इसके बाद मामला पूरे शहर में उबाल पर आ गया।

अखिलेश मेबन द्वारा हिंदू समुदाय को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर आक्रोश की लहर दौड़ गई। हिंदू संगठनों ने इस टिप्पणी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्कूल में विरोध प्रदर्शन किया और विजयनगर थाना में मेबन के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की और आरोपी की तलाश शुरू की।

जांच में यह सामने आया कि मेबन जबलपुर से फरार होकर बांधवगढ़ के एक रिसॉर्ट में छिपा था। पुलिस की दबिश पड़ने के बाद वह वहां से निकल गया और फिर सूचना मिली कि वह केरल के कोच्चि में है। मध्यप्रदेश पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए केरल पुलिस से समन्वय किया और अंततः शनिवार सुबह उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह एयरपोर्ट की ओर भागने की कोशिश कर रहा था। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि अखिलेश मेबन विदेश भागने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे धर दबोचा।

यह पूरी कार्रवाई न केवल प्रशासनिक बल्कि धार्मिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत संवेदनशील मानी जा रही है। आरोपी द्वारा भगवान राम पर की गई टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। यही कारण है कि हिंदू संगठनों ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया।

गौर करने योग्य तथ्य यह भी है कि फरारी के दौरान मेबन ने न सिर्फ अपना मोबाइल नंबर बदला, बल्कि साइबर ट्रैकिंग से बचने के लिए हर संभव तकनीकी उपाय किए। इसके बावजूद पुलिस की तकनीकी टीम और साइबर सेल की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली गई।

पुलिस ने जबलपुर में अखिलेश के स्कूल और निवास पर भी छापे मारे, जहां से दो कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उनके माध्यम से मिली जानकारियों ने पुलिस को अहम सुराग दिए, जिससे आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो पाई।

एसपी संपत उपाध्याय ने जानकारी दी कि मेबन को कोच्चि से ट्रांजिट रिमांड पर लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही उसे जबलपुर लाकर न्यायिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।

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