लखनऊ: धुएं के बीच बेटे का फोन, ‘पापा बचा लो’, अग्निकांड के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

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लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी. हादसे के दौरान इमारत में फंसे छात्र अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करते रहे. इसी बीच एक छात्र ने अपने पिता को फोन कर मदद की गुहार लगाई. घबराए हुए बेटे की आवाज सुनकर पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि छात्रों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. चारों तरफ धुआं भर गया और बाहर निकलने के रास्ते बंद होने लगे. कई छात्र खिड़कियों और बालकनी की ओर दौड़े, जबकि कुछ ने ऊपरी मंजिलों से कूदकर जान बचाने की कोशिश की. घटना स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था.

प‍िता को बताई छात्र में आपबीती

हादसे के समय एक छात्र ने अपने पिता को फोन कर बताया कि वह धुएं और आग के बीच फंस गया है. फोन पर उसकी सिसकियां सुनाई दे रही थीं. वह बार-बार कह रहा था, पापा मुझे बचा लीजिए, बेटे की यह पुकार सुनकर पिता तुरंत मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी. बचाव दल और दमकल कर्मी लोगों को बाहर निकालने में जुटे हुए थे.

स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की. कई युवाओं ने रस्सियों और सीढ़ियों की सहायता से छात्रों को बाहर निकालने का प्रयास किया. हालांकि आग और धुएं की तीव्रता के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा.

डिप्टी CM ब्रजेश पाठक बोलते-बोलते रो पड़े

डिप्टी CM ब्रजेश पाठक भावुक हो गए और रोते हुए कहा कि यह घटना बेहद गंभीर और दुखद है. बिल्डिंग के अंदर अभी भी धुआं भरा हुआ है. फायर ब्रिगेड और NDRF की टीमें एक-एक कमरे और सामान की जांच कर रही हैं घने धुएं की वजह से बच्चे बाहर नहीं निकल पाए. रेस्क्यू के दौरान रास्ता नहीं मिलने पर दीवार तोड़कर टीम अंदर पहुंची. कई बच्चों को बाहर निकालकर KGMU ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है.