मेरठ में तेज रफ्तार कार का कहर: कारोबारी के बेटे ने 7 पुलिसकर्मियों को मारी टक्कर, दो की हालत गंभीर

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मेरठ में देर रात एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जहां गश्त के दौरान सड़क किनारे खड़े सात पुलिसकर्मी तेज रफ्तार इनोवा कार की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर लगते ही पुलिसकर्मी कई फीट दूर जाकर गिरे और मौके पर चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इनोवा कार अत्यधिक गति से हाईवे पर दौड़ रही थी। बताया जा रहा है कि कार की स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक थी। तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार सीधे सड़क किनारे खड़ी पुलिस टीम से टकरा गई। इसके बाद कार पुलिस की गश्ती जीप से भी जा भिड़ी, जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ऑटो पार्ट्स कारोबारी के दो बेटे अपनी इनोवा और थार गाड़ियों से आपस में रेस लगा रहे थे। दोनों एक-दूसरे को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहे थे, तभी इनोवा कार अनियंत्रित होकर पुलिसकर्मियों की ओर मुड़ गई। इस लापरवाही ने कुछ ही सेकंड में एक सामान्य रात को बड़े हादसे में बदल दिया।

घटना के समय ब्रह्मपुरी थाना पुलिस की टीम नियमित गश्त पर थी। पांच पुलिसकर्मी जीप से उतरकर सड़क किनारे खड़े थे, तभी डायल-112 की बाइक पर सवार दो अन्य पुलिसकर्मी भी वहां पहुंच गए। सभी सात पुलिसकर्मी आपस में बातचीत कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार इनोवा ने उन्हें टक्कर मार दी। किसी को संभलने या हटने तक का मौका नहीं मिला।

हादसे में कांस्टेबल लोकेन्द्र पंवार, सतेंद्र कुमार, विक्रम सिंह, कपिल भाटी, राजेश कुमार और हेड कांस्टेबल रविन्द्र मलिक सहित सात पुलिसकर्मी घायल हुए। सभी को पहले नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करना पड़ा। हेड कांस्टेबल रविन्द्र मलिक के पैर में फ्रैक्चर होने के कारण उनका ऑपरेशन किया गया, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों का भी इलाज जारी है।

घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और दुर्घटना में शामिल इनोवा व थार गाड़ियों को जब्त कर लिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के समय की सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य सबूतों को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कानून को हाथ में लेकर सड़क पर रेस लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के गंभीर परिणामों की याद दिलाता है। सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी न केवल चालक बल्कि आम लोगों और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की जान भी खतरे में डाल सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सार्वजनिक सड़कों पर स्टंटबाजी और रेस लगाने जैसी गतिविधियों से बचें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।