दिल्ली में चल रहे CJP के प्रदर्शन को लेकर एक नया विवाद उस समय सामने आया, जब प्रतिबंधित संगठन से जुड़े खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियो में पन्नू ने दावा किया कि उसने CJP के कुछ नेताओं के साथ जूम मीटिंग की थी, जिसमें प्रदर्शन और आगे की रणनीति पर बातचीत हुई। हालांकि इस दावे की किसी स्वतंत्र एजेंसी या आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है और इसे केवल उसके दावे के रूप में ही देखा जा रहा है।
वीडियो में पन्नू ने कई विवादित और भड़काऊ बयान दिए। उसने कहा कि दिल्ली और केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने की जरूरत है तथा देश के राजनीतिक ढांचे को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उसके इन बयानों के सामने आने के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जाने लगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था और इसमें किए गए दावों का वास्तविक आधार क्या है।
अब तक CJP की ओर से इस कथित जूम मीटिंग या वीडियो में किए गए दावों को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसी कारण इस पूरे मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। जब तक संबंधित पक्षों या जांच एजेंसियों की ओर से पुष्टि नहीं होती, तब तक वीडियो में कही गई बातों को सत्यापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
इधर दिल्ली में जारी प्रदर्शन के दौरान अलग-अलग समूहों की मौजूदगी भी देखने को मिली। प्रदर्शन स्थल पर निहंग समुदाय के कुछ सदस्य पहुंचे, जिनका प्रदर्शनकारियों ने स्वागत किया। वहां मौजूद कई युवाओं ने उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके आने से आंदोलन में शामिल लोगों का मनोबल बढ़ा है। वहीं निहंग प्रतिनिधियों ने भी प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए आवश्यकता पड़ने पर साथ खड़े रहने की बात कही।
निहंग संगठन के प्रतिनिधियों के अनुसार, उनके कई सदस्य दिल्ली पहुंच चुके हैं और अन्य सदस्य भी लगातार आने की तैयारी में हैं। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्रों और अन्य लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत पंखे और अन्य आवश्यक सामान पहुंचाने की योजना भी बनाई गई, ताकि प्रदर्शन के दौरान लोगों को राहत मिल सके।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी रही। एक मौके पर पुलिस कार्रवाई के बाद कई प्रदर्शनकारी सुरक्षा की दृष्टि से दिल्ली स्थित बंगला साहिब गुरुद्वारे पहुंचे। वहां उन्होंने कुछ समय के लिए शरण ली, जबकि पुलिस गुरुद्वारे के बाहर मौजूद रही। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आईं, जिन पर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
इस घटनाक्रम को लेकर कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी अपनी-अपनी राय रखी। कुछ नेताओं ने गुरुद्वारे में दी गई शरण और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि संकट की स्थिति में जरूरतमंदों की सहायता करना सिख परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। वहीं पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी लगातार बहस जारी रही।
पन्नू के वायरल वीडियो और उसके दावों ने प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। हालांकि किसी भी जांच एजेंसी या सरकारी संस्था की ओर से अब तक यह नहीं कहा गया है कि वीडियो में किए गए दावे सही हैं या जूम मीटिंग वास्तव में हुई थी। इसलिए इस मामले में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है और जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल CJP का प्रदर्शन और उससे जुड़े विभिन्न घटनाक्रम लगातार चर्चा में बने हुए हैं। एक ओर प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर वायरल वीडियो और उसमें किए गए दावों ने इस मुद्दे को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। आने वाले समय में यदि संबंधित पक्षों या जांच एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी जारी की जाती है, तो उसके आधार पर इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

