महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित दो दिवसीय बैठक से पहले संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि फिलहाल संगठन को राजनीतिक दल में बदलने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश को ऐसे मजबूत जन आंदोलन की आवश्यकता है जो जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाए और व्यवस्था पर सकारात्मक दबाव बनाकर सुधार की दिशा में काम करे। उनका कहना था कि संगठन अपनी मौजूदा भूमिका में ही समाज के विभिन्न वर्गों की आवाज बनने का प्रयास करेगा और इसी दिशा में आगे बढ़ेगा।
अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि संगठन जल्दबाजी में राजनीतिक पार्टी का रूप ले लेता तो उसके मूल उद्देश्य कमजोर पड़ सकते थे। उनका मानना है कि किसी भी जन आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत उसकी निष्पक्षता और व्यापक भागीदारी होती है। जब अलग-अलग विचारों वाले लोग किसी साझा उद्देश्य के लिए एक मंच पर आते हैं, तभी आंदोलन प्रभावी बनता है। इसलिए संगठन फिलहाल केवल जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहकर अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाएगा।
बैठक के दौरान संगठन की अब तक की गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी और आने वाले समय की रणनीति तैयार होगी। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों में संगठन के विस्तार, नए सदस्यों को जोड़ने तथा स्थानीय स्तर पर मजबूत नेटवर्क तैयार करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। संगठन का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं और जागरूक नागरिकों को जोड़कर सामाजिक भागीदारी को मजबूत बनाना है।
बैठक में बेरोजगारी, आर्थिक चुनौतियां, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, ईंधन से जुड़े मुद्दे, मीडिया की भूमिका तथा न्याय व्यवस्था से जुड़े विषयों पर भी गंभीर चर्चा प्रस्तावित है। संगठन का मानना है कि इन सभी मुद्दों का सीधा संबंध आम नागरिकों के जीवन से है और इनके समाधान के लिए लगातार जन जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। इसी आधार पर भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
संगठन के प्रवक्ताओं ने बताया कि हाल के आंदोलनों के दौरान जिन छात्रों पर कानूनी कार्रवाई हुई है, उनके मामलों को लेकर संबंधित पक्षों से बातचीत जारी है। उनका कहना है कि छात्रों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा सहायता भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। संगठन का दावा है कि वह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से युवाओं के हितों की रक्षा के लिए कार्य करता रहेगा।
संगठन से जुड़े वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन भविष्य में भी लिया जाएगा ताकि विभिन्न सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर संतुलित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ा जा सके। उनका अनुभव संगठन की नीतियों और अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा। इसी उद्देश्य से समय-समय पर विचार-विमर्श और सुझाव लेने की प्रक्रिया जारी रखने की योजना बनाई गई है।
बीते समय में युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर हुए आंदोलनों के कारण संगठन को देशभर में व्यापक पहचान मिली। बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं ने इसमें भाग लेकर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई। इस जनसमर्थन ने संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई और विभिन्न राज्यों में भी इसकी गतिविधियां तेज हुईं।
हालांकि कुछ स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण स्थितियां भी सामने आईं, लेकिन संगठन ने लगातार यह दोहराया कि उसका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना है। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद, जनभागीदारी और शांतिपूर्ण आंदोलन ही किसी भी बदलाव का सबसे प्रभावी माध्यम होते हैं। इसलिए भविष्य में भी इसी सिद्धांत के आधार पर सभी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आगामी दिनों में संगठन का मुख्य फोकस देशभर में अपनी इकाइयों को मजबूत करना, युवाओं को जागरूक करना और जनहित से जुड़े मुद्दों पर व्यापक अभियान चलाना रहेगा। संगठन का मानना है कि मजबूत जन आंदोलन समाज और शासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित कर सकता है। इसी सोच के साथ आने वाले समय में विभिन्न राज्यों में बैठकें, जनसंपर्क अभियान और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि आम नागरिकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाकर समाधान की दिशा में निरंतर प्रयास किया जा सके।

