भगवान महाकाल को वैष्णव तिलक, मोर पंख और भांग से कृष्णा स्वरूप शृंगारित किया गया। हरिओम का जल अर्पित किया और कपूर आरती के बाद भगवान महाकाल को रुद्राक्ष की माला, भस्म अर्पित करने के बाद ड्रायफ्रूट के साथ भोग अर्पित कर कर्पूर आरती की गई। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला अर्पित की।जन्माष्टमी पर्व पर शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का भगवान श्री कृष्ण स्वरूप में शृंगार किया गया। बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के कपाट प्रात: चार बजे खोले गए। इसके बाद भगवान महाकाल को जल से स्नान कराया गया। इसके बाद पण्डे-पुजारियों ने दूध, दही, घी, शहद, फलों के रस से बने पंचामृत से बाबा महाकाल का अभिषेक-पूजन किया।
महाकाल को वैष्णव तिलक, मोर पंख और भांग से कृष्णा स्वरूप शृंगारित किया गया

- Post author:Shivendra Parmar
- Post published:August 16, 2025
- Post category:मध्यप्रदेश
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