ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है. ऐसा इसलिए क्योंकि ईरान के साथ पाकिस्तान 900 किलोमीटर की सीमा लगती है. इसी बीच मगंलवार को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि इजरायल पाकिस्तान को अपनी कठपुलती बनाना चहाता है. इजरायल की इस योजना में भारत भी शामिल है. उन्होंने कहा है कि इस योजना में अगर इजरायल को सफलता मिलती है तो तो वो अफगानिस्तान, भारत और ईरान को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ गुट बना लेगा जिससे पाकिस्तान चारों तरफ से दुश्मन से घिर जाएगा और देश की सुरक्षा कमजोर हो जाएगी.
पाकिस्तान और अफगानिस्तान-तालिबान के बीच युद्ध जैसी स्थिति
गौरतलब है कि इस समय पाकिस्तान और अफगानिस्तान-तालिबान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है. बीते साल मई 2025 में भारत के साथ भी पाकिस्तान ने 4 दिनों का युद्ध किया था. ईरान से की सीमा पाकिस्तान के बलूचिस्तान से लगती है, जो दशकों से विद्रोह का केंद्र रहा है. ईरान और इजरायल के बीच चल रहे मौजूदा संघर्ष का जिक्र करते हुए आसिफ ने आरोप लगाया है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार था फिर भी उस पर युद्ध थोप दिया गया. उन्होंने दावा किया कि यह युद्ध ‘जायोनिस्टों ने रची है ताकि इजरायल का प्रभाव पाकिस्तान की सीमाओं तक बढ़ाया जा सके.’
एक्स पर एक पोस्ट में ख्वाजा आसिफ ने आरोप लगाया
एक्स पर एक पोस्ट में ख्वाजा आसिफ ने आरोप लगाया कि 1948 में इजरायल के गठन के बाद से इस्लामी दुनिया को प्रभावित करने वाले हर संघर्ष में जायोनिज्म यानी यहूदी मातृभूमि की स्थापना और सुरक्षा के आंदोलन की ‘प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष’ भूमिका रही है. उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम जगत में होने वाले हर बड़े बड़े संघर्ष के पीछे जायोनिस्ट विचारधारा ही रही है. उन्होंने यह भी कहा कि ‘दुनिया की बड़ी शक्तियां जायोनिज्म के बंधक बनी हुई हैं’ और दशकों से वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा जायोनिस्ट ही तय कर रहे हैं.