मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: एक ही रनवे पर आमने-सामने पहुंचे एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस के विमान, समय रहते टला खतरा

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मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार रात एक गंभीर विमानन घटना सामने आई, जहां एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस के दो विमान एक ही रनवे पर आमने-सामने आ गए। समय रहते एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की सतर्कता और पायलटों की त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने कुछ समय के लिए हवाई संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी।

जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब 10 बजे हुई। सिलीगुड़ी से मुंबई पहुंची एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान लैंडिंग के बाद अभी पूरी तरह रनवे से बाहर नहीं निकली थी। इसी दौरान उसी रनवे से दिल्ली के लिए रवाना होने वाली एअर इंडिया की उड़ान को टेक-ऑफ की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मिल चुकी थी। दोनों विमान कुछ समय के लिए एक ही रनवे पर मौजूद रहे, जिससे स्थिति बेहद संवेदनशील बन गई।

जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल को संभावित खतरे का आभास हुआ, तुरंत एअर इंडिया के विमान को टेक-ऑफ रोकने का निर्देश दिया गया। पायलट ने निर्देशों का पालन करते हुए उड़ान भरने की प्रक्रिया बीच में ही रोक दी। इस त्वरित निर्णय के कारण दोनों विमानों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखी जा सकी और किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई।

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली जाने वाली एअर इंडिया की उड़ान AI816 में बोइंग 777-300ER विमान तैनात था, जो लंबी दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, सिलीगुड़ी से आई एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान AIX1547 में बोइंग 737 MAX 8 विमान शामिल था। दोनों विमानों का आकार और संचालन अलग होने के बावजूद रनवे पर एक साथ मौजूद होना सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर स्थिति माना जाता है।

घटना के बाद संबंधित अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी एकत्र करना शुरू कर दिया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल और दोनों उड़ानों के बीच हुए संचार, रनवे की स्थिति और संचालन प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ऐसी परिस्थिति आखिर कैसे बनी।

एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई अड्डों पर रनवे संचालन पूरी तरह समन्वय और सटीक समय प्रबंधन पर आधारित होता है। ऐसे मामलों में कुछ सेकंड की देरी या संचार में मामूली चूक भी बड़े जोखिम का कारण बन सकती है। हालांकि इस मामले में समय पर उठाए गए कदमों ने संभावित दुर्घटना को टाल दिया।

घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित एजेंसियों ने आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया। विमान संचालन सामान्य होने से पहले सभी सुरक्षा मानकों की दोबारा पुष्टि की गई ताकि आगे किसी प्रकार का जोखिम न रहे।

एअर इंडिया की ओर से बताया गया कि उड़ान संचालन के दौरान सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन किया गया और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के निर्देश मिलते ही पायलट ने तत्काल टेक-ऑफ रोक दिया। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा मामले की विस्तृत समीक्षा की जा रही है।

यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर एयर ट्रैफिक प्रबंधन में उच्च स्तर की सतर्कता और समन्वय कितना महत्वपूर्ण है। समय रहते लिए गए फैसले और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की वजह से इस बार बड़ा हादसा टल गया, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाने की उम्मीद है।