मध्यप्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 29 मार्च से प्रदेश में आंधी और बारिश का नया और प्रभावी सिस्टम सक्रिय होगा, जिसका असर लगभग तीन दिनों तक बना रह सकता है। इस दौरान भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित करीब 40 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे मौसम अचानक बदलने के आसार हैं।
हालांकि इस सिस्टम के सक्रिय होने से पहले 28 मार्च को प्रदेश में गर्मी अपने तेवर दिखाएगी। कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और नर्मदापुरम जैसे इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दिन के समय लू जैसे हालात महसूस किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ का असर कमजोर पड़ने के बाद तापमान में अस्थायी बढ़ोतरी होगी, लेकिन इसके तुरंत बाद नया सिस्टम सक्रिय हो जाएगा।
पिछले एक-दो दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों, खासकर ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर संभाग में बादलों की आवाजाही और हल्के बदलाव देखने को मिले थे। यह संकेत था कि वातावरण में बदलाव की प्रक्रिया जारी है। अब 29 मार्च से शुरू होने वाला नया सिस्टम 30 और 31 मार्च को अपने चरम पर रहेगा, जब अधिकतर जिलों में अच्छी बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के कई जिलों में वर्षा का दायरा बढ़ेगा। 29 मार्च को जहां हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, वहीं 30 और 31 मार्च को तेज बारिश और आंधी का प्रभाव अधिक रहेगा। इससे तापमान में गिरावट भी दर्ज की जा सकती है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
वहीं, मौसम विभाग ने आने वाले महीनों को लेकर भी चेतावनी दी है। अप्रैल और मई में प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान है, जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में इसका ज्यादा असर रहेगा, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्मी से अछूते नहीं रहेंगे।