राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने की खबर सामने आते ही पीड़ित परिवार में गहरा आघात और असंतोष का माहौल बन गया है। इस निर्णय की जानकारी परिवार को उनके अधिवक्ता से नहीं, बल्कि शिलांग पुलिस की ओर से आए एक फोन कॉल के माध्यम से मिली, जिससे परिजनों की नाराजगी और भी बढ़ गई।
मृतक राजा की मां उमा रघुवंशी ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस फैसले पर भरोसा करना मुश्किल हो रहा है। उमा रघुवंशी ने आरोप लगाया कि सोनम इस पूरे मामले की साजिश रचने वाली मुख्य किरदार है। उन्होंने न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक यह सुना था कि कानून अंधा होता है, लेकिन अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वह देख भी नहीं पा रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई से जांच कराने की मांग की है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हस्तक्षेप की अपील की है।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि एक मां होने के नाते उन्हें अपने बेटे के लिए न्याय की उम्मीद थी, लेकिन जमानत के इस फैसले ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है। उमा रघुवंशी ने आशंका जताई कि यदि मुख्य आरोपी को राहत मिल सकती है, तो अन्य आरोपियों को भी इसका लाभ मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सोनम इंदौर आती है, तो वह उससे अपने बेटे की हत्या का कारण जरूर पूछेंगी।
वहीं, मृतक के भाई विपिन रघुवंशी ने भी पूरे मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सोनम को जमानत सोमवार को ही मिल गई थी, लेकिन इसकी जानकारी उन्हें अगले दिन, यानी मंगलवार को शिलांग पुलिस से मिली। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले तक उनके वकील ने भी जमानत मिलने की संभावना से इनकार किया था।
विपिन ने आरोप लगाया कि सोनम को उसके परिवार, विशेषकर उसके भाई गोविंद का पूरा समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि आर्थिक प्रभाव के चलते उन्हें अपने भाई के लिए न्याय मिलने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस जमानत के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर शिलांग भी जाएंगे।
साथ ही उन्होंने सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। विपिन का कहना है कि यदि वे अपील के लिए शिलांग जाते हैं, तो उन पर हमला कराया जा सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि सोनम दोबारा जेल भेजी जाती है, तो उसका भाई गोविंद बदला लेने की कोशिश कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए गोविंद जिम्मेदार होगा।
जमानत के आधार को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं। विपिन के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली है कि अदालत ने इस आधार पर जमानत दी कि गिरफ्तारी के समय सोनम को कारण नहीं बताया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब तक उन्हें मामले की चार्जशीट की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है, जबकि आरोपी पक्ष को यह दस्तावेज दे दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक अन्य आरोपी राज कुशवाह की जमानत याचिका पर भी जल्द सुनवाई हो सकती है। पूरे घटनाक्रम के बाद पीड़ित परिवार न्याय की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहा है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए तैयारी कर रहा है।