राज्यसभा की 26 सीटों पर हाल ही चुनाव संपन्न हुए हैं.राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 26 में से 19 सीटों पर जीत दर्ज की है.इस नतीजे ने उच्च सदन में NDA की स्थिति को पहले से अधिक मजबूत कर दिया है. महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में गठबंधन को अतिरिक्त राजनीतिक बढ़त मिलने की संभावना बढ़ गई है. कुल मिलाकर यह कि आने वाले समय में एनडीए की राज्यसभा में ताकत और बढ़ने वाली है.
चुनाव परिणामों में कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन को उस तरह की सफलता नहीं मिली, जिसकी उम्मीद थी. विपक्षी खेमे को कुल 6 सीटें मिलीं, जबकि मिजोरम में एक सीट क्षेत्रीय दल के खाते में गई.
झारखंड में NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी की जीत विपक्ष के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है. इस सीट पर क्रॉस वोटिंग ने चुनावी समीकरण बदल दिए और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा है.
क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नतीजों के बाद राज्यसभा में NDA का प्रभाव और बढ़ेगा. पहले ही गठबंधन की संख्या मजबूत स्थिति में थी और अब नई जीतों ने उसे महत्वपूर्ण बहुमत के और करीब पहुंचा दिया है. इससे केंद्र सरकार को अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
विपक्ष के लिए सबक बने चुनाव परिणाम
विपक्ष के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का विषय बन गए हैं. खासकर झारखंड जैसे राज्यों में हुई क्रॉस वोटिंग ने INDIA गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े किए हैं. आने वाले समय में राज्यसभा के भीतर सत्ता और विपक्ष के बीच संख्या बल का अंतर और स्पष्ट दिखाई दे सकता है.
उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था में ईमानदारी और निगरानी दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण होती हैं. यदि इनमें से किसी एक पक्ष में भी कमजोरी आती है तो पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो जाते हैं.