बागेश्वर धाम में सातवां सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव: 50 दुल्हनें पहुंचीं, मेहंदी-संगीत से लेकर एक लाख लोगों के प्रसादी भोजन तक व्यापक इंतजाम; सीएम मोहन यादव रहे शामिल

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खजुराहो के समीप स्थित बागेश्वर धाम में सातवां सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव जारी है। आयोजन स्थल पर अब तक लगभग 50 दुल्हनें पहुंच चुकी हैं, जो आसपास के क्षेत्रों से आई हैं। अन्य दुल्हनों के भी देर रात तक धाम पहुंचने की सूचना है, जिसके बाद सभी निर्धारित अनुष्ठान पूरे किए जाएंगे।

महोत्सव के तहत शनिवार को मेहंदी और संगीत समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। दुल्हनों के हाथों में मेहंदी रचाने के लिए जयपुर और स्थानीय जिले की टीमें मौजूद हैं।

संगीत कार्यक्रम में फिल्मी कलाकार मनोज तिवारी प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल और राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की उपस्थिति प्रस्तावित है।

शनिवार को एक लाख लोगों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है। प्रसाद में सब्जी, पूड़ी, खिचड़ी, खीर, मिठाई, अचार, सलाद, रोटी, दाल और चावल परोसे जाएंगे।

300 बेटियों का होगा विशेष श्रृंगार

दुल्हनों के मेकअप और मेहंदी की जिम्मेदारी अभिलाष पटेल संभाल रहे हैं। उनके अनुसार, 300 बेटियों को तैयार किया जाना है और व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं कि हर बेटी का श्रृंगार व्यवस्थित और आकर्षक हो।

दिल्ली, हरियाणा, जयपुर, उत्तर प्रदेश और छतरपुर से कुल 150 मेकअप आर्टिस्ट और मेहंदी विशेषज्ञ बुलाए गए हैं। 150-150 लोगों का पंजीयन हुआ है, साथ ही कुछ श्रद्धालु भी सहयोग कर रहे हैं। सभी कलाकार अपना सामान स्वयं लेकर आए हैं और निर्देशानुसार अच्छी गुणवत्ता व ब्रांडेड सामग्री का ही उपयोग किया जा रहा है।

सागर की एक महिला मेकअप आर्टिस्ट ने बताया कि वे लैक्मे का फाउंडेशन, लिपस्टिक और क्रीम सहित पूरा ब्रांडेड किट साथ लाई हैं। जूड़े की व्यवस्था अलग से की जा रही है।

301 बेटियों की हल्दी रस्म में सीएम की उपस्थिति

शुक्रवार को 301 बेटियों की हल्दी रस्म संपन्न हुई, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने धाम पहुंचकर मंडप का पूजन किया और पंडित धीरेंद्र शास्त्री को हल्दी लगाई।

धाम के पीठाधीश ने समाज की सहभागिता से बेटियों के विवाह कराए जाने की बात दोहराई और मुख्यमंत्री द्वारा 3000 बेटियों के विवाह कराने के भरोसे पर प्रसन्नता व्यक्त की। उनका कहना था कि समाज के सहयोग से ही ऐसे बड़े आयोजन संभव होते हैं।

आयोजन के दौरान उन्होंने सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए जाति-पाति से ऊपर उठकर एकता की बात कही। पदयात्रा के स्वरूप में बदलाव की घोषणा करते हुए बताया कि अब 11 हजार किलोमीटर की रथयात्रा निकाली जाएगी, जिसका उद्देश्य सनातन हिंदू एकता और ‘घर वापसी’ अभियान को आगे बढ़ाना है।

उन्होंने यह भी कहा कि बागेश्वर धाम वैदिक गुरुकुल, कैंसर अस्पताल और अन्नपूर्णा प्रकल्प के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है, ताकि सनातन मूल्यों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।