महाराष्ट्र में सोमवार को शिक्षा, प्रशासन और मौसम से जुड़े कई अहम घटनाक्रम सामने आए। सबसे पहले, टीईटी (TET) परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने विधानसभा परिसर के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भुसे को काले झंडे दिखाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। महाराष्ट्र एनएसयूआई अध्यक्ष सागर सालुंखे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मंत्री के काफिले को रोकने का प्रयास किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। हाल ही में ठाणे जिले में पेपर लीक की जानकारी मिलने के बाद टीईटी परीक्षा स्थगित करनी पड़ी थी। इस मामले में पुलिस अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एनएसयूआई ने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर स्थिति पर नियंत्रण किया।
दूसरी ओर, राज्य सरकार ने मानसून और समुद्र में प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए मशीनीकृत नौकाओं से मछली पकड़ने पर लगी रोक की अवधि 15 अगस्त तक बढ़ाने का फैसला किया है। मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने बताया कि समुद्र में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। सरकार प्रतिबंध से प्रभावित मछुआरों को 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है, जिसे जल्द वित्त विभाग के समक्ष रखा जाएगा। इसके अलावा डीजल की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर केंद्र सरकार से बातचीत जारी है। सरकार ने मत्स्य पालन क्षेत्र को कृषि के समान सुविधाएं देने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। बेमौसम बारिश से प्रभावित मछुआरों के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया जा रहा है तथा मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत आधुनिक मत्स्य बाजारों के विकास के लिए 1,240 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
इस बीच नागपुर में भारी बारिश के दौरान एक दुखद हादसा भी सामने आया। शहर के व्यस्त गीतांजलि चौक के पास स्थित ‘नारायण चैंबर्स’ नामक पुरानी इमारत की एक दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय 52 वर्षीय संतोष छोटेलाल गौड़ अपनी गाड़ी की मरम्मत कराने के लिए पास की दुकान पर पहुंचे थे। दीवार गिरने से वे मलबे के नीचे दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना में वहां खड़ी एक कार और छह दोपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की गई। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इमारत को पहले जर्जर घोषित किया गया था या नहीं, उसका स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया गया था या नहीं तथा भवन मालिक ने सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक नियमों का पालन किया था या नहीं।
उधर, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं के स्वरूप को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस एमएलसी सतेज पाटिल ने आयोग की ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे बंद कर ऑफलाइन परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। उन्होंने विधान परिषद में कहा कि कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में तकनीकी गड़बड़ियों, हैकिंग और अनियमितताओं की आशंका अधिक रहती है, जिससे अभ्यर्थियों का भरोसा प्रभावित होता है। उनका कहना था कि अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा होने के कारण अपनाई जाने वाली नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया कई छात्रों को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के अभ्यर्थियों और महिलाओं को होने वाली कठिनाइयों का भी उल्लेख किया। पाटिल ने सुझाव दिया कि एमपीएससी को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तरह ऑफलाइन परीक्षा प्रणाली अपनानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अभ्यर्थियों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए ‘वन-टाइम’ परीक्षा शुल्क व्यवस्था लागू करने और राज्य में लंबे समय से खाली पड़े पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की भी मांग की।
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